U-Turn from Destructive Progress
Explore the legacy of Guru Jambhoji, promoting sustainability and peace through green initiatives and eco-friendly products.
Dr. (Mrs) Anand Kanwar Mahecha
12/28/20251 min read


कल्पना कीजिए हम जमीन पर उपलब्ध यात्रा साधनों जैसे कि चार पहिया वाहन या दो पहिए वाले वाहन से सुदूरवर्ती क्षेत्रों की यात्रा पर निकले । असंख्य मीलों की यात्रा के पश्चात जमीन समाप्त और सामने लहलहाता हुआ अनन्त महासागर।अब आपके पास विकल्प क्या है? या तो पानी वाले जहाज पर सवार होकर महासागर में उतरे अथवा हवाई जहाज पर सवार होकर आसमान में यात्रा करें किन्तु अफसोस इन दोनों विकल्पों के वाहन आपके पास नहीं हैं ।अब कौन सा विकल्प बचा? मेरी समझ में तो यू-टर्न ही सही है क्योंकि आगे जाने की लालसा में जमीनी वाहन को पानी में उतारकर आत्मघात तो नहीं कर सकते। यह वापस मुड़ना ही बचाव है अवनति नहीं।
यही हाल अब मानव सभ्यता का भी होने जा रहा है। विकास के नाम की दौड़ में प्रकृति और पर्यावरण को रौंदते हुए इतने आगे आ चुके हैं कि सामने विनाश का महासागर खड़ा है इसे पार कर मानव सभ्यता को बचाना सम्भव नहीं। बहुत हुआ आ अब लौट चलें ।
जागृति में ही जीवन है।
शुभ दिन रहे।
डॉ श्रीमती आनंद कंवर राठौड़
